RSOS Hindi Model Paper प्रश्न 1. (क) निम्नलिखित काव्यांश की सप्रसंग व्याख्या कीजिए : नरहरि ! चंचल है मति मेरी, कैसे भगति करूँ मैं तेरी ।। तूं मोंहि देखै, हौं तोहि देखूँ , प्रीति परस्पर होई । तूं मोहि देखै, तोहि न देखूँ , यह मति सब बुधि खोई । सब घट अंतर रमसि निरंतर, मैं देखन नहिं जाना । गुन सब तोर, मोर सब औगुन, क त उपकार न माना ।। मैं, तें तोरि - मोरि असमझि सौं, कैसे करि निस्तारा । कह रैदास कृष्ण करुणामय । जै जै जगत-अधारा ।। अथवा छोड़ो मत अपनी आन, सीस कट जाये, मत झुको अनय पर, भले व्योम फट जाये। दो बार नहीं यमराज कण्ठ धरता है, मरता है जो, एक ही बार मरता है। तुम स्वयं मरण के मुख पर चरण धरो रे! जीना हो तो मरने से नहीं डरो रे! (ख) निम्नलिखित काव्य-पंक्तियों का काव्य-सौंदर्य स्पष्ट कीजिए : कनक कनक तैं सौगुनी, मादकता अधिकाय। वा खाएँ बौरात है, या पाएँ बौराय।। प्रश्न 2. निम्नलिखित में से किन्हीं दो प्रश्नों के उत्तर लगभग 35-35 शब्दों में दीजिए : (क) बिहारी के दोहे के आधार पर ग्रीष्म की वि...